हार के डर से गांव छोड़कर भागा सरपंच प्रत्याशी, दो दिन बाद राजस्थान के सांवरियाजी में मिला

रतलाम में द्वितीय चरण के पंचायत चुनाव के दौरान एक सरपंच प्रत्याशी हार के डर से मतदान के दौरान ही लापता हो गया था. लापता सरपंच प्रत्याशी पुलिस को राजस्थान में मिला. पुलिस द्वारा लापता सरपंच प्रत्याशी को परिजनों को सौप दिया गया है.

रतलामः मध्य प्रदेश में दो चरणों का पंचायत चुनाव संपन्न हो गया है, वहीं अगले चरण की तैयारी जोर शोर से चल रही है. इसी बीच रतलाम में बीती 01 जुलाई को द्वितीय चरण के चुनाव के दौरान एक सरपंच प्रत्याशी के लापता होने का मामला सामने आया है. यहां एक प्रत्याशी मतदान के बाद हार के डर से इतना घबरा गया कि वह गांव घर में किसी को बिना बताए ही लापता हो गया. पुलिस को सरपंच प्रत्याशी रविवार को राजस्थान के धार्मिक स्थल सांवरियाजी में एक लाज में मिला. पुलिस द्वारा सरपंच प्रत्याशी को परिजनों को सौंप दिया गया है.

जानिए पूरा मामला
दरअसल रतलाम जिले के गांव गड़ावदिया में 01 जुलाई को प्रत्याशी धूलजी गरवाल के लापता होने की जानकारी फैलते ही समर्थकों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था. जिसके बाद प्रशासन के समझाने और प्रत्याशी को तलाशने का आश्वासन देकर मतदान 03 घंटे बाद शुरू करवाया था, लेकिन जब शाम 05 बजे तक प्रत्याशी धूलजी के नहीं मिलने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गये और मतगणना से इनकार कर दिया.

पुलिस ने बताया कि प्रत्याशी धूलजी गरवाल ने दाहोद में अपने परिजन से बात की थी. साइबर की मदद से धूलजी के मोबाइल नंबर से लगे कॉल की डिटेल निकालने के बाद और सीसीटीवी की मदद से प्रत्याशी की तलाश की गई. एसडीओपी इटला मौर्य ने बताया कि पुलिस की एक टीम सांवरियाजी भेजी थी. जहां एक लॉज में गुमशुदा प्रत्याशी धूलजी मिला. इसके बाद सरपंच प्रत्याशी धूलजी को रावटी थाना लाकर परिजनों को सौप दिया गया.

आपको बता दें कि माहौल गरमाते देख मतपेटी को जब प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि से गांव से ले जाने लगे तो ग्रामीणों ने रास्ता रोक दिया था. काफी मशक्कत के बाद पुलिस बल सुरक्षा में मतपेटी को गड़ावदीया से बाजना विकासखण्ड में सुरक्षित रखवाया गया जहां आज 04 जुलाई को इस मतपेटी की मतगणना हुई है.

 

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