शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा – राज्यमंत्री श्री इंदरसिंह परमार

शुजालपुर न्युज÷÷ सुनील मालवीय

शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा – राज्यमंत्री श्री परमार

जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में संत निवास का लोकार्पण

–सभी माता-पिता अपने बच्चों को संस्कारवान बनाए – मंत्री सुश्री उषा ठाकुर

सभी माता-पिता अपने घरों में नियमित प्रार्थना करें और अपने बच्चों को संस्कारवान बनाएं। यह बात प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मंत्री सुश्री Usha Thakur ने आज शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में नव निर्मित संत निवास के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री इंदरसिंह परमार, राज्य मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री माखनसिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, नगरपालिका शुजालपुर अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार, ऊर्जा विकास निगम पूर्व अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, श्री अशोक नायक, श्री कैलाश सोनी, श्री विजय सिंह बैस, श्री देवेन्द्र तिवारी, श्री प्रकाश झावा, जटाशंकर वैदिक संस्कार एवं प्रबंध समिति अध्यक्ष श्री हेमंत सक्सेना, अनुविभागीय अधिकारी श्री सत्येन्द्र प्रसाद सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी मौजूद थे।

 

मंत्री सुश्री ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश का धर्मस्व के धर्मस्व विभाग ने सामुहिक प्रार्थना के लिए एक पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल से प्रत्येक जिले से कम से कम 500 दंपत्तियों को जोड़ा जायेगा। इस प्रकार एक जिले से कम से 1000 लोग इस पोर्टल से जुड़ जायेंगे। इस तरह प्रदेश के 52 हजार व्यक्ति पोर्टल से जुड़कर जब एक साथ प्रार्थना करेंगे तो ब्रम्हांड से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल से जुड़े व्यक्ति अपने बच्चों को संस्कृति से जोड़े, इससे आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बनेगी। उन्होंने कहा कि मंदिरों को भौतिक रूप से सुन्दर बनाया जा सकता है, किन्तु व्यक्ति अपने को संस्कारित कर अध्यातमिकता से जोड़े, साधना करे तो वह परिपक्व बनेगा। उन्होंने कहा कि 07 मिनिट नाभी से मंत्रोउच्चारण करने से दोष विकारों से मुक्त होते हैं और व्यक्ति ओजस्वी होता है। इसी तरह उन्होंने कहा कि प्रदेश में शासन संधारित 21 हजार मंदिर है। इन मंदिरों के पुजारियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि शासन संधारित मंदिरों के आसपास रहने वाले 62 लोगों को इससे जोड़ना होगा। इन लोगों के आधार नंबर एवं मोबाईल नंबर के साथ इन्हें जोड़ना होगा। इन व्यक्तियों को मंदिरों की व्यवस्था से भी जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों में प्रतिदिन जाएं ताकि उनके बच्चें भी इससे शिक्षा ग्रहण करें। साथ ही आरती के वक्त भी ये 62 परिवार मंदिरों में जाएं। मंदिरों में जाने से चेतन्य जाग्रत होगा। उन्होंने इस अवसर पर शंख वादन के महत्व, घरों पर स्वास्तिक बनाने, घरों में घी के दीपक जलाने आदि के महत्व को भी विस्तार से बताया। इस मौके पर उन्होंने जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर के विकास के लिए रखी गई सभी मांगों को स्वीकार करते हुए स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री श्री Inder Singh Parmar ने संबोधित करते हुए कहा कि जटाशंकर महादेव मंदिर को सिंहस्थ सर्किट से जोड़ा जाना चाहिये, ताकि यह धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित हो। राज्यमंत्री श्री परमार ने कहा कि जटाशकर महादेव मंदिर में नवग्रह एवं ज्योतिर्लिंग की स्थापना की जाना है। मंदिर परिसर में लगभग डेढ़ करोड़ रूपये लागत से संत निवास का निर्माण हुआ है। साथ ही यहां पर सतसंग हाल एवं प्रवचन केन्द्र बनाने के लिए भी उन्होंने कहा। यह स्थान चेतन्य एवं जाग्रत है, इसका उपयोग साधना केन्द्र के रूप में भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में संस्कृत महाविद्यालय शुरू किया जायेगा तथा यहां के विद्यार्थी धार्मिक गतिविधियां इस मंदिर से सीखेंगे। इस मौके पर उन्होंने मंदिर परिसर में मौज-मस्ती करने आने वाले बाहरी तत्वों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए भी कहा, ताकि यह परिसर अध्यात्मिकता का केन्द्र बना रहे। साथ ही राज्यमंत्री श्री परमार ने बताया कि जामनेर के महिषासुर मर्दनी मंदिर में मेले के आयोजन के लिए धर्मस्व विभाग द्वारा साढ़े आठ लाख रूपये भी प्रदान किये गये हैं, इसके लिए उन्होंने मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री चौहान एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

इस अवसर पर मंत्री सुश्री ठाकुर, मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री चौहान, राज्यमंत्री श्री परमार सहित उपस्थित अन्य अतिथियों को जटाशंकर महादेव मंदिर के चित्र स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किये गये।

CM Madhya Pradesh

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Department of School Education, Madhya Pradesh

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