PWD के कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते धर दबोचा, कलेक्टर के बंगले के किया था काम।Gwalior News:

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ग्वालियर में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा है। लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर ने य़ह कार्रवाई की है। लोकायुक्त ने फरियादी की शिकायत पर कार्यपालन यंत्री को रंगे हाथ पकड़ा है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा विधि संवत कार्रवाई की जा रही है। बताया गया है कि बिल पास करने के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

ठेकेदार से मांगी PWD इंजीनियर ने रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

ग्वालियर में लोकायुक्त की टीम ने पीडब्ल्यूडी (PWD) के कार्यपालक इंजीनियर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोप है कि जिले के कलेक्टर के बंगले पर ठेकेदार ने काम किया था. ठेकेदार जब बिल पास कराने के लिए इंजीनियर के पास पहुंचा, तो उसने रिश्वत की मांग कर दी. पुलिस का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है.

कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग कार्य का बिल पास करने के एवज में मांगी थी रिश्वत

ठेकेदार महेंद्र बैस ने शिकायत में कहा कि उसने कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग का कार्य किया था जिसके तीन लाख रुपये के बिल पास करने के एवज में ईई पी के गुप्ता 75,000/- रुपये रिश्वत की मांग कर रहे है, वो उन्हें 55,000/- रुपये पहले दे चुका है बाकी के लिए दबाव बना रहे हैं, शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने ट्रेप की प्लानिंग की।

कार्यपालन यंत्री पीके गुप्ता

दरअसल, फरियादी महेंद्र सिंह बैस पुत्र अतर सिंह बैस निवासी ठाकुर मोहल्ला गौस पूरा ग्वालियर की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा ग्वालियर के व्यापार मेला परिषद विद्युत केंद्र के पास पीके गुप्ता कार्यपालन यंत्री ईएंडएम को रिश्वत राशि 15000 रुपये लेते गिरफ्तार किया है। महेंद्र बैस के द्वारा कलेक्टर भिंड के बंगले पर लाइट फिटिंग का कार्य नवंबर महीने में किया था, जिसके तीन लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में आरोपी द्वारा 75,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। इसमें 50,000 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था और 15,000 रुपये जैसे ही फरियादी ने कार्यपालन यंत्री को दिए, लोकायुक्त ने उसे ट्रैस कर लिया।

 

ग्वालियर लोकायुक्त ने रिश्वत लेते दबोचा तो हार्ट अटैक आने का बहाना करने लगा कार्यपालन यंत्री

लोकायुक्त की टीम जब छापा मारने के लिए पहुंची तो रिश्वतखोर अधिकारी का ब्लड प्रेशर बढ़ गया और हार्ट अटैक आने का बहाना करने लगा। उसके बाद टीम ने एंबुलेंस और डॉक्टर को बुलवाया। उसके बाद टीम ने कार्रवाई शुरू की। उस दौरान बीच-बीच में डॉक्टरों की टीम भी रिश्वतखोर अधिकारी के ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक को चेक करती रही। वहीं, कार्रवाई के दौरान एंबुलेंस को भी मौके पर खड़ा कर दिया, ताकि कुछ परेशानी आती है तो तत्काल अस्पताल पर जाया जा सके।

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